लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। तो वहीं उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। जिसकी वजह चार साल पहले बनी आजाद समाज पार्टी है। जिसके अध्यक्ष कोई और नहीं बल्कि चंद्रशेखर आजाद है। जो इस सीट से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर इस सीट पर सपा-बसपा और भाजपा के प्रत्याशियों ने भी अपना पूरा जोर लगा दिया है।
पहली बार किस्मत आजमा रहे चंद्रशेखर आजाद
नगीना में चुनावी जंग दिलचस्प हो गई है। इस सीट पर इस वक्त सबसे ज्यादा अगर किसी उम्मीदवार की चर्चा हो रही है तो वह हैं चंद्रशेखर आजाद। पहली बार चंद्रशेखर आजाद रावण इस सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और वह भी अकेले यानी किसी पार्टी ने उन्हें अपना समर्थन नहीं दिया है। वह अपनी पार्टी आजाद समाज पार्टी से चुनाव मैदान में हैं, जिसका चुनाव चिन्ह केतली है। इस सीट पर भाजपा ने तीन बार के विधायक ओम कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है तो वहीं समाजवादी पार्टी ने मनोज कुमार (पूर्व जज) को अपना उम्मीदवार बनाया है। जबकि बीएसपी सुरेंद्र मैनवाल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है.
नगीना में चंद्रशेखर का चुनाव प्रचार
वही अगर बात करें नगीना में चंद्रशेखर के चुनाव प्रचार की तो वो दलितों के अलावा दूसरी बिरादरियों में खासकर ओबीसी बिरादरियों में छोटी-छोटी मीटिंग्स और सभाएं कर रहे हैं। चंद्रशेखर अपनी मीटिंग में सभी को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के मिशन की याद दिलाते हैं और कहते हैं 'कि अगर दलित और दबे कुचले लोगों की आवाज संसद में नहीं उठाई गई तो संविधान खत्म हो जाएगा। अगर यहां के लोग उन्हें संसद में जीताकर भेजेंगे तो वह दिखाएंगे कि कैसे उनके हक की आवाज संसद के भीतर गूंज सकती है।'
मायावती ने नगीना से अपना पहला चुनाव लड़ा और जीता था
आपको बता दें कि नगीना लोकसभा 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिश के बाद यह सीट 2009 लोकसभा चुनाव से पहले ही अस्तित्व में आई थी। नगीना, कभी बिजनौर का ही हिस्सा हुआ करता था और यहीं से मायावती ने अपना पहला चुनाव लड़ा और जीता था। अब यहीं से मायवाती की तरह जीत दोहराने के लिए भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रावण बेताब दिख रहे हैं।
नगीना से मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को चुनाव प्रचार में किया लॉन्च
जहां एक ओर चंद्रशेखर आजाद दलित औ दूसरी बिरादरियों में खासकर ओबीसी बिरादरियों में छोटी-छोटी मीटिंग्स और सभाएं कर रहे हैं। एक तरफ जहां मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को चुनाव प्रचार में लॉन्च करने के लिए नगीना को ही चुना। तो वहीं दूसरी ओर चुनाव प्रचार में आकाश आनंद सबसे ज्यादा चंद्रशेखर आजाद को ही आड़े हाथों ले रहे हैं और लगातार बिना नाम लिए जुबानी हमले कर रहे हैं। वहीं आकाश आनंद के चुनाव प्रचार में उतरने से ही बीएसपी समर्थकों में भी जोश भर गया है। जिसके बाद अब नगीना की लड़ाई BSP और आज़ाद समाज पार्टी के बीच नाक की लड़ाई बन गई है।
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