New Delhi: उत्तर प्रदेश 69000 शिक्षक भर्ती में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में जारी की गई सूची रद्द करने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल की है। याचिका दाखिल करने वालों में दो चयनित व एक अचयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। इससे पहले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने इस मामले में कैविएट दाखिल कर रखी है।
हाईकोर्ट ने मेरिट लिस्ट कर दी थी रद्द
बता दें कि बीते दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आरक्षण नियमों का पालन न करने को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई 69000 हजार शिक्षक भर्ती की चयन सूची रद्द कर दी थी। इसके साथ ही तीन महीने के भीतर नई सूची जारी करने का आदेश दिया था। इसके बाद से प्रदेश सरकार पर विपक्ष ने आरक्षण विरोधी होने के आरोप लगाए थे। इस पर योगी सरकार ने बयान जारी कर कहा था कि सरकार किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। सीएम योगी ने कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे और हाईकोर्ट के फैसले को मानेंगे। हाईकोर्ट के फैसले आने के बाद चयनित शिक्षकों विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं, आरक्षण की मांग को लेकर भी अभ्यर्थियों को प्रदर्शन जारी है।
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