राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और मजबूत नेतृत्व की मिशाल लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की धूम पूरे देश में है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किए। साथ ही स्वच्छता अभियान में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री योगी गांधी आश्रम गए और चरखा भी चलाया। सीएम योगी के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सीएम योगी ने खरीदे खादी कपड़े किया ऑनलाइन पेमेंट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किए। सीएम योगी बुधवार को क्षेत्रीय गांधी आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने अपने विचार साझा किए और कहा कि राष्ट्रपिता आजादी के महानायक थे। कहा जाता था कि ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य कभी अस्त नहीं होता था, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चला आजादी का आंदोलन उनके सूर्य को अस्त करने में सफल रहा। यहां सीएम योगी ने चरखा चलाया और भजनों का आनंद लिया। जानकारी के मुताबिक, सीएम ने खादी के वस्त्रों की खरीदारी की और ऑनलाइन पेमेंट भी किया।
महात्मा गांधी और स्वदेशी को लेकर क्या बोले सीएम योगी

जयंती के मौक पर सीएम योगी ने कहा कि स्वदेशी जब तक भारत की आजादी का मंत्र नहीं बना था, तब तक आजादी की लड़ाई एकजुट होकर नहीं दिख रही थी। भारत की आजादी के आंदोलन के साथ महात्मा गांधी का जुड़ना और उसे स्वदेशी के साथ जोड़ने का जो अभियान रहा, इससे आजादी के लिए हर नागरिक के मन में गौरव व स्वावलंबन का भाव जागृत हुआ। खादी उसका प्रतीक बना।
'स्वच्छ भारत मिशन देता है महात्मा गांधी के अभियानों को ऊंचाई'

इसी के साथ ही सीएम योगी ने स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता के प्रति उन अभियानों को ऊंचाई देता है, ये भी कहा। सीएम योगी ने कहा कि जो भी देश शक्तिशाली व सामर्थ्यवान बने हैं, उन्होंने सर्वप्रथम आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया। अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, जापान ने अपनी उद्यमिता को बढ़ाया है। वहीं देश में पीएम मोदी का ‘वोकल फॉर लोकल’ भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वदेशी अभियान को नई ऊंचाई प्रदान करने का कार्यक्रम है।
पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री को लेकर कही बडी बात
सीएम योगी ने खादी आश्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही कहा कि शास्त्री जी राष्ट्रपिता के अनन्य भक्त व अनुयायी थे। वो गांधी जी के आह्वान पर देश के आजादी के आंदोलन में जुड़े थे। 1965 में दुश्मन देश द्वारा थोपे गए युद्ध का जवाब भारत ने तेजस्विता के साथ दिया था। यह देश के उस स्वरूप को दिखाता है कि विश्व मानवता के कल्याण के लिए कार्य करेंगे, लेकिन हमारी सीमाओं पर कोई अतिक्रमण करेगा तो उसका मुंहतोड़ जवाब भी देंगे।
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